
नई टिहरी। लंबे समय से आवगमन की परेशानी झेल रहे प्रतापनगर के ग्रामीणों की राह कुछ आसान हुई है। पुनर्वास निदेशालय ने चांठी से डोबरा तक तीस सीटर बोट उपलब्ध कराई है। जिसका विधायक ने हरी झंडी देकर शुभारंभ किया।
मंगलवार को प्रतापनगर के विधायक विक्रम नेगी ने मोटर बोट को हरी झंडी दिखाने के अवसर पर कहा कि इससे चांठी-नकोट, झिंवाली, ओखला, मोटणा, बनाली, चौंधार, कोटगा जैसे गांवों को आरपार आने-जाने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने बांध प्रभावित चांठी गांव के ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के साथ ही चांठी-डोबरा पुल की प्रगति की जानकारी ली। निर्माणाधीन पुल की साइट का निरीक्षण कर जल्द पुल का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। चांठी गांव की प्रधान छटांगी देवी, मीना देवी, तेजपाल सिंह, खेम सिंह, नत्थे सिंह ने झील के कारण हो रहे भूधंसाव और पुल निर्माण के लिए ली गई भूमि का प्रतिकर देने के साथ गांव के विस्थापन की मांग उठाई। इस मौके पर कांग्रेस के प्रतापनगर ब्लाक अध्यक्ष मुरारी लाल खंडवाल, देवी सिंह पंवार, पुनर्वास के अधिशासी अभियंता आरके तिवारी, एई बीएस पोखरियाल, आनंद रावत, खुशी लाल, कुलदीप पंवार, इंद्रेश नौटियाल, रणवीर रौतेला, विक्रम शाह, जोत सिंह बिष्ट, उम्मेद लाल, जसपाल पंवार आदि मौजूद थे।
बोट तक पहुंचने के लिए नहीं है रास्ता
टिहरी बांध बनने से प्रतापनगर के लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। पुनर्वास निदेशालय की ओर से हालांकि कई स्थानों पर झील में बोट चलाई जा रही है। लेकिन बोट तक पहुंचने के लिए रास्ते न होने से दिक्कतें हो रही है। मंगलवार को जब चांठी नकोट से डोबरा तक पुनर्वास निदेशालय ने 30 सीटर बोट शुरू की तो, प्रभावितों में खुशी के साथ ही दुविधा भी थी। प्रभावित विमला देवी, सरोजनी देवी, रेखा, पुष्पा ने कहा कि बोट लगने का फायदा तब है, जब बोट तक पहुंचने का रास्ता भी हो। पुनर्वास निदेशालय के एमएल टम्टा ने बताया कि बोट प्रात: 7.30 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। बोट में लाइव जैकेट सहित सभी सुविधाएं मौजूद है।
